ये मजदूर का हाथ है ...✊

 मजदूर दिवस 😏 सिर्फ नाम का दिवस



आज मज़दूर दिवस प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी एक दिन मना के चुप बैठने की वजह से महसूस कर रहें कि आखिर मज़दूर जिसने आज दुनिया में जो कुछ भी दिख रहा है उन सबको बनाने में मजदूर ही तो हैं

जो आजादी के 75 साल बाद भी सरकारों से बेवकूफ बनता आया है कैसी विडम्बना है चुनावी समय मे कॉल सेंटर बना कॉल कर कर के उनसे वोट की अपील की जाती है काश ऐसे ही कॉल सेंटर बना के मजदूरों के स्वास्थ्य के बारे उनके परिवार के बारे में समय समय पर पुछा जाता पर नहीं फिर ये कॉल सेन्टर 5 साल के लिए बंद हो जायेंगे अब 

शिक्षित मजदूर होने के नाते ये समझ में  आ रहा है कि गुजरात और मुंबई में कार्यरत ज्यादातर मजदूर आदिवासी ही क्यू है आखिर शेड्यूल ट्राइब के लिए खर्च किए जा रहे करोड़ों कोई नही दिखा

  इन मजदूरों के लिए 75 साल बाद भी स्थानीय स्तर पर रोज़गार उपलब्ध करवाने सरकारें नाकाम रही है अब जो पार्टी सत्ता में होती ही वो ये बोल के पल्ला झाड़ लेती है की दैनिक मजदूरी ज्यादा पाने के लालच में मज़दूर बाहर पलायन करते जबकि यहीं पार्टी विपक्ष में बैठ के पलायन को मुद्दा बना लेते हैं |

मजदूर को उसका पसीना सूखने से पहले उसकी मजदूरी मिल जानी चाहिएं सरकारें नरेगा का नाम लेके बेवकूफ बना देते है जो नरेगा का पैसा तब आता है जब मजदूर भूल जाता है की उसने कही नरेगा के काम भी किया था या नहीं

दिल्ली मुंबई जैसे बड़े शहरों में सभी पार्टियों के आलीशान पार्टी कार्यालय बने है हमें कोई आपत्ती नहीं है पर दुनिया को छत खाना पानी के लिए मेहनत करने वाले मजदूरों के लिए स्थानीय नेताजी को रेलवे स्टेशन बस स्टेशन पर जाकर मजदूरों से ये वादा करना चाहिए की अगर स्थानीय स्तर पर रोजगार नही दिलवा सके तो अहमदाबाद महाराष्ट्र जैसे ज्यादा पलायन होने वाली जगहों पर प्रवासी मज़दूर भवन बनना चाहिए और वहां उनके स्वास्थ्य और मजदूर परिवार वालों से आपातकाल में सेवा पहुंचाए उसके लिए IAS रैंक के अफसर हर प्रवासी मजदूर भवन में इनकी व्यवस्था हेतु नियुक्त किए जाने चाहिएं जहां पर अगर किसी कारण वहां मजदूर परिवार जिसमे मां बहन भी हो साथ तो सुरक्षित विश्राम कर सके रोजगार मिलने तक और उचित दाम में भरपेट खाना खा सके 

सभी मज़दूर भाईयो व बहनों की तरफ से मेरी गुजारिश है नेताओं को इस ओर ध्यान देना चाहिए वर्तमान व्यवस्था मज़दूर को मजदूर ही बने रखना चाहती हैं

श्रम  विभाग से जुड़े तमाम अफसरों को जवाबदेह बनाने हेतु स्थानीय नेताजी को फीडबैक लेना चाहिए ताकि समय समय पर मजदूर से जुड़ी योजनाएं उन तक पहुंचे 

ये लेखक के अपने विचारों के साथ साथ मजदूर साथियों के दिल की दासता है  धन्यवाद 

                                                         -Aamu bhil✍️

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